Hindi Shayari

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यकीन और दुआ नजर नहीं आते, मगर नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं। अब कौन से मौसम से हम आस लगायें, बरसात में भी याद न जब उनको हम आये। ऐ दिल! मत कर इतनी मोहब्बत तू किसी से, इश्क़ में मिला दर्द तू सह नहीं पायेगा, टूट कर बिखर जायेगा एक दिन अपनों के हाथों, किसने तोड़ा ये भी किसी से कह नहीं पायेगा। यकीन और दुआ नजर नहीं आते, मगर नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं। मेरी आँखों में मोहब्बत की चमक आज भी है, फिर भी मेरे प्यार पर उसको शक आज भी है, नाव में बैठ कर धोये थे उसने हाथ कभी, पानी में उसकी मेहँदी की महक आज भी है।

तू घडी भर के लिए मेरी नज़रो के सामने आजा, एक मुद्द्त से मैंने खुद को आईने में नहीं देखा।


तू घडी भर के लिए मेरी नज़रो के सामने आजा,
एक मुद्द्त से मैंने खुद को आईने में नहीं देखा।

उसे रास ही ना आया मेरा साथ वरना,
मैं उसे जीते जी ख़ुदा बना देता।

लोग कहते हें.. वक्त किसी का गुलाम नही होता,
फिर क्युँ तेरी मुस्कुराहट पे ये थम सा जाता हे?

जितने वाला ही नहीं.. बल्कि ‘कहाँ पे क्या हारना है’
ये जानने वाला भी सिकंदर होता है।

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ,
शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये।

यारों ख्वाबों मे कह देता हूँ.. जिनसे हर बात,
आज सामने आए तो.. अल्फाजो ने साथ छोड दिया मेरा।

अये मौत तुझे तो गले लगा लूँगा बस जरा तो ठहर,
है हसरत दिल की तुझसे पहले उसे गले लगाने की।

इश्क मोहब्बत की बातें कोई ना करना,
एक शख्स ने जी भर के हमे रुलाया जो है।

मेरे दिल की उम्मीदों का हौसला तो देखो,
इंतज़ार उसका है जिसे मेरा एहसास तक नहीं।

कदमो को रुकने का हुनर नहीं आया
सभी मंजिले निकल गयी पर घर नहीं आया।

एक चाहत थी आपके साथ जीने की,
वरना मोहब्बत तो किसी और से भी हो सकती थी।

काश दिल की आवाज़ में इतना असर हो जाए..
हम याद करें उनको और उन्हें ख़बर हो जाए।

मेरी मोहब्बत सच्ची है इसलिए तेरी याद आती है..
अगर तेरी बेवफाई सच्ची है तो अब याद मत आना।

लोग शोर से जाग जाते हैं साहब,
मुझे एक इंसान की ख़ामोशी सोने नही देती।

हमे क्या पता था, आसमा ऐसे रो पडेगा,
हमने तो बस इन्हें अपनी दास्ता सुनाई थी।

मानो तो हर पत्थर मेँ खुदा बसता है..
अंदाज यही से लगा सकते हैँ आप, कि खूदा कितना सस्ता है।

नाजुक मिजाज हूँ कुछ, कुछ दिल से भी हूँ परेशाँ,
पायल पहन के पांव में मै छमछम से डर गई।

तुझे रख लिया इन यादों ने फूल सा किताब में..
इस दिल में तुम रहेगे सदा और महकोगे इन साँसों में।

छू जाते हो तुम मुझे हर रोज एक नया ख्वाब बनकर,
ये दुनिया तो खामखां कहती है कि तुम मेरे करीब नहीं।

हाल तो पूछ लू तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी,
ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है।

जब जी चाहे नई दुनिया बना लेते है लोग,
एक चेहरे पे कई चहरे लगा लेते है लोग।

महफ़िल भले ही प्यार वालों की हो..
उसमे रौनक तो दिल टुटा हुआ शराबीही लाता हैं।

जिंदगी बड़ी अजीब सी हो गयी है, जो मुसाफिर थे
वो रास नहीं आये, जिन्हें चाहा वो साथ नहीं आये।

दिल मे खुशी हो तो छलक जाती हैं,
मुस्कुराहटें वजह की मोहताज नही होती।

कब दोगे रिहाई मुझे इन यादोँ की कैद से,
ऐँ-इश्क अपने जुल्म देख.. मेरी उम्र देख।

वह मेरा वेहम था की वो मेरा हमसफ़र है,
वह चलता तो मेरे साथ था पर किसी और की तलाश में।

तरीका मेरे क़त्ल का, ये भी इजाद करो..
कि मर जाऊँ मै हिचकियो से, मुझे इतना याद करो।

गर मेरी चाहतों के मुताबिक ज़माने की हर बात होती
तो बस मैं होता तुम होती और सारी रात बरसात होती।

जब फुरसत मिले तो चाँद से मेरे दर्द की कहानी पुछ लेना,
एक वो ही है मेरा हमराज तेरे जाने के बाद।

नकाब तो उनका सर से ले कर पांव तक था..
मगर आँखे बता रही थी के मोहब्बत के शौकीन थे वो।


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