दिल का दर्द एक राज बनकर रह गया,
मेरा भरोसा मजाक बनकर रह गया,
दिल के सोदागरो से दिललगी कर बैठे,
शायद इसीलिए मेरा प्यार इक अल्फाज बनकर रह गया।
दो दिलों की धड़कनों में एक साज़ होता है,
सबको अपनी-अपनी मोहब्बत पर नाज़ होता है,
उसमें से हर एक बेवफा नहीं होता,
उसकी बेवफ़ाई के पीछे भी कोई राज होता है!
वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते!
वो तो अपने दर्द रो-रो के सुनते रहे,
हमारी तन्हाइयों से आँख चुराते रहे,
और हमें बेवफा का नाम मिला..
क्योंकि, हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे!
एक दिन जब हुआ प्यार का अहसास उन्हें,
वो सारा दिन आकर हमारे पास रोते रहे,
और हम भी इतने खुद गर्ज़ निकले यारों कि,
आँखे बंद कर के कफ़न में सोते रहे।
प्यार वो हम को बेपनाह कर गये,
फिर ज़िन्दगी में हम को तन्नहा कर गये,
चाहत थी उनके इश्क में फ़नाह होने की,
पर वो लौट कर आने को भी मना कर गये।
वो कह कर गई थी कि लौटकर आऊँगी,
मैं इंतजार ना करता तो क्या करता,
वो झूठ भी बोल रही थी बड़े सलीके से,
मैं एतबार ना करता तो क्या करता।
इन आंखो मे आंसू आये न होते,
अगर वो पीछे मुडकर मुस्कुराये न होते,
उनके जाने के बाद बस यही गम रहेगा,
कि काश वो हमारी ज़िन्दगी मे आये न होते।
प्यार करने का हुनर हमें नहीं आता,
इसलिए प्यार की बाज़ी हम हार गए,
हमारी ज़िन्दगी से उन्हें बहुत प्यार था,
सायद इसलिए हमे ज़िंदा ही मार गए!
आज हम उनको बेवफा बताकर आए है,
उनके खतो को पानी में बहाकर आए है,
कोई निकाल न ले उन्हें पानी से..
इस लिए पानी में भी आग लगा कर आए है।
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