अजीब सी बस्ती में ठिकाना है मेरा
जहाँ लोग मिलते कम झांकते ज़्यादा है।
बात मुक्कदर पे आ के रुकी है वर्ना,
कोई कसर तो न छोड़ी थी तुझे चाहने में।
अरे कितना झुठ बोलते हो तुम,
खुश हो और कह रहे हो मोहब्बत भी की है।
सुनो.. तुम ही रख लो अपना बना कर,
औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर।
किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम..
चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।
वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है,
जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना●
क्या बताऊँ इस दिल का आलम नसीब में लिखा है इंतज़ार करना।
अधूरी मोहब्बत मिली तो नींदें भी रूठ गयी,
गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितने सकून से सोया करते थे।
कागज़ों पे लिख कर ज़ाया कर दूं मै वो शख़्स नही,
वो शायर हुँ जिसे दिलों पे लिखने का हुनर आता है।
झूठ बोलने का रियाज़ करता हूँ सुबह और शाम मैं,
सच बोलने की अदा ने हमसे कई अजीज़ यार छीन लिये।
हम ना बदलेंगे वक्त की रफ़्तार के साथ, हम जब भी मिलेंगे अंदाज पुराना होगा,
नजर चाहती है दीदार करना दिल चाहता है प्यार करना।
निकली थी बिना नकाब आज वो घर से
मौसम का दिल मचला लोगोँ ने भूकम्प कह दिया
अगर तुम समझ पाते मेरी चाहत की इन्तहा
तो हम तुमसे नही तुम हमसे मोहब्बत करते
अमीरों के लिए बेशक तमाशा है ये जलजला,
गरीब के सर पे तो आसमान टुटा होगा.
नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . .
बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .
कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को मार देता हूँ
माँ कहती है घर की जिम्मेदारी है तुझ पर
नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . .
बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .
जो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ है
मे उन्हें वादा करती हूँ मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिए होगा
ये जो छोटे होते है ना दुकानों पर होटलों पर और वर्कशॉप पर
दरअसल ये बच्चे अपने घर के बड़े होते है
कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने
मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये
मोत से तो दुनिया मरती हैं
आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं
दिल टूटने पर भी जो शख्स आपसे शिकायत तक न कर सके…
उस शख्स से ज्यादा मोहब्बत आपको कोई और नही कर सकता
बिक रहे हैं ताज महल सड़क-चौराहों पर आज भी..
मोहब्बत साबित करने के लिए बादशाह होना जरुरी नहीं..!!
डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो,
और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमें ही उतारा गया।
Tere na hone se kuchh bhi nahi badla,.
Bus kal jaha Dil hota tha, Aaj waha dard hota hai..!!
Masla ye nahi k tera hu
Masla ye hai k sirf tera hu..!!
गिन लेती है दिन बगैर मेरे गुजारें हैं कितने
भला कैसे कह दूं कि माँ अनपढ़ है मेरी..!!
धोखा देती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक।।
क्योंकि हर पत्थर हीरा नहीं होता।।
लोग ढूँढेंगे हमें भी, हाँ मगर सदियों के बाद।
अजीब खेल है इस मोहब्बत का,
किसी को हम न मिले और न कोई हमे मिला।
वो अपनी मर्जी से बात करते हैँ और
हम कितने पागल हैँ जो उनकी मर्जी का इंतजार करते हैं..!!!
सुना है आज उनकी आँखों आँशु आ गए।
वो बच्चों को लिखना सिखा रही थी.. कि मोहब्बत ऐसे लिखते है।
अजीब रंगो में गुजरी है मेरी जिंदगी।
दिलों पर राज़ किया पर मोहब्बत को तरस गए।
Mere saamne kar diye meri tasveer k Tukde-Tukde..
Pata chala mere peechhe wo unhe jod kar bahut Roye..!
उन्होंने वक़्त समझकर गुज़ार दिया हमको..
और हम.. उनको ज़िन्दगी समझकर आज भी जी रहे हैं..!!
Ae Neend Aaja Ke Ab Koi Nahi Hai Paas Mere.!
Ke Jis Ke Liye Tujhe Chora Tha Woh To Kab Kii So Gaye
Aye Dil! Qasam Se Koi Nahi, Koi Nahi, Koi Nahi,
Yaqeen maano Darwaza Faqat Hawa Se Khula
Kismat Buri Ya Main Bura Yahi Faisla Na Ho Saka
Main Har Kisi Ka ho gaya Bas Koi Mera Na Ho Saka..
Meri Hesiat ka Andaza Tum Ye Jan Ker Laga Lo Ge
Hum Un Ke Kabhi Nahi Hote, Jo Her Kisi Ke Ho Jaye
Wo mera tha, na mera hai, kabhi hoga nahi..
Dimag hai ye kehta.. Dil maanta nahi..
Teri muskurahat, tere kah-kahe kisi aor ke the,
Jo teri ankho se tha tapka, wo main tha..
Ab dekhiye to, kis ki jaan jaati hai,
Maine us ki, us ne meri qasam khayi hai!!!
Aye zindgi tu sach me bhot khubsurat hai
Phir bhi uske bina tu achhi nahi lagti..!!
Woh Kab Ka BhooL Chuka Ho Ga Hamari WaFa Ka Qissa..!!!
Bichar Kar,Kisi Se, Kisi Ko, Kisi Ka, Khayal Kab Rehta Hai..!
कभी टूटा नहीं दिल से तेरी याद का रिश्ता,
गुफ्तगू हो न हो ख्याल तेरा ही रहता है..
Aayega waqt to dikhayenge unko apny zakham..
Abhi khamosh hain humko bas khamosh rehny do.
Kaisi Guzar Rahi Hai Sabhi Pochtay To Hain
Kaisay Guzarta Hoon Koi Poochta Nahi..
Sambhaal Ke Rehna Aise Logo Se,
Jin Ke Dil Mein Bhi Dimaag Hota Hai.
Akele aaye the akele jayenge..
Phir akela kyun nahi raha jata..
Mujhe zindig ka itna tazurba to nahi !!
Par suna hai saadgi me log jeene nahi dete!
Khusbu Jese Log Hain Hum..!!
Bhikre Bhikre Rehte Hain..!!
kasoor isme tere nahi kismat ka hai..
Sache pyar ki kadar aksar uske chale jane ke bad hoti hai.
Har Baar Ilzaam Hum Par Hi Lagana Achha Nahi..
Wafa Khud Se Hoti Nahi Khafa Hum Se Ho Jate Ho.
Use Hum Chor De Lekin Bus Ik Choti Si Uljhan Hai,
Suna Hai Dil Se dharkan Ki Judai Mout Hoti Hai..
Uski Mohbat ka silsila bi kya ajeeb hai..
Apna bi nhi bnati hai.. Or kisi ka hone bi nhi deti hai.
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