Hindi Shayari

Image
यकीन और दुआ नजर नहीं आते, मगर नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं। अब कौन से मौसम से हम आस लगायें, बरसात में भी याद न जब उनको हम आये। ऐ दिल! मत कर इतनी मोहब्बत तू किसी से, इश्क़ में मिला दर्द तू सह नहीं पायेगा, टूट कर बिखर जायेगा एक दिन अपनों के हाथों, किसने तोड़ा ये भी किसी से कह नहीं पायेगा। यकीन और दुआ नजर नहीं आते, मगर नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं। मेरी आँखों में मोहब्बत की चमक आज भी है, फिर भी मेरे प्यार पर उसको शक आज भी है, नाव में बैठ कर धोये थे उसने हाथ कभी, पानी में उसकी मेहँदी की महक आज भी है।

Two line shayari

मोहब्बत है गर तो मिज़ाज ज़रा नर्म रखिये…
ज़िद्दी होने से इश्क़-ऐ-सुकून में ख़लल पड़ता है…!!
मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं….!!
सोच बुलंद कर अपनी या फिर मुझे सोचना छोड़ दे….!!
कहाँ #जख्म_खोल बैठा पगले … !
ये #नमक_का_शहर है … !
बिगाड़ के रख देती है ज़िन्दगी का चेहरा,
ऐ इश्क़ तू बड़ी तेजाबी चीज़ है…
पोंछ लो बहते हुए अपने इन आंसुओं को,
भला कौन रहना पसंद करता है, टपकते हुए मकानों में.!!


सालो गुज़रे लेकिन आदते सुधरी नहीं हमारी
वो दर्द देना नहीं भूलते ,और हम मुहब्बत करना
रहने चाहिए कुछ फासले,
कद्र नज़दीकियों की समझने के लिए…!
मै बहुत सीमित हूँ अपने शब्दों में…
लेकिन बहुत विस्तृत हूँ अपने अर्थों में
नाम तेरा ऐसे लिख चुके है अपने वजूद पर,
कि तेरे नाम का भी कोई मिल जाए तो भी दिल धड़क जाता है! 



मेरा उससे उम्मीद जोडना ही मेरे बर्बाद होने की वजह है
यूं बेवजह उस पर इल्जाम लगाना भी तो ठीक नहीं जब कसूर अपना हो



समां जाऊँगी तुझमें मैं मुझे खुद में ही तू रखना
मेरा ‘मैं’ छोड़ दूँगी मैं तेरे ‘तू’ में मुझे रखना ।।



कई मिलो दूर कोई मुझे महसूस करता है,
एक दिल है जो मोहब्बत खूब करता है !!



तुम्हारे जितनी ना सही,
पर तुमसे मोहब्बत तो हो ही चूकी है !!


मैं हँसता हूँ तो बस अपने ग़म छिपाने के लिए..
और लोग देख के कहते है काश हम भी इसके जैसे होते.



कभी शब्दों में तलाश न करना वज़ूद मेरा,
मैं उतना लिख नहीं पाती जितना महसूस करती हूँ…!



इतनी सी कोशिश थी उनके दिल में बसने की,

अब अपनी नज़रों से भी गिर चूका हूँ..


Comments

Popular posts from this blog

अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो, मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो, मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना !! मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो!

ज़ख्म कहां कहां से मिले है, छोड़ इन बातो को, ज़िन्दगी तु तो ये बता, सफर कितना बाकी है।💕

वो जाते हुये प्यार में, निशानी दे गया...