Sad Shayari

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   दर्द इतना था कि मुस्कुराना पड़ गया, दिल टूटकर भी ज़माने को हँसाना पड़ गया। कुछ रिश्ते अधूरे ही अच्छे लगते हैं, पूरे होकर अक्सर दर्द दे जाते हैं। जिसे अपना समझा वही दूर हो गया, दिल का हर सपना चूर हो गया। खामोशी मेरी कमजोरी नहीं, बस अब किसी से शिकायत नहीं। यादें आज भी रातों को जगाती हैं, और तेरी कमी हर पल सताती है। जिसे खोने का डर था, वही सबसे पहले खो गया। आँखों में आँसू छिपा लिए हमने, दुनिया को बस मुस्कान दिखा दी। हर किसी को अपना समझना छोड़ दिया, अब दिल को समझाना सीख लिया। मोहब्बत अधूरी रह जाए तो दर्द बन जाती है, और पूरी हो जाए तो दुआ बन जाती है। तन्हाई अब अपनी सी लगती है, भीड़ में भी कमी तेरी ही खलती है। टूटे हुए दिल की आवाज़ नहीं होती, बस खामोशी बहुत कुछ कह जाती है। बदलते लोगों ने सिखा दिया, हर किसी पर भरोसा नहीं किया जाता। हम मुस्कुराते रहे सबके लिए, और अपना दर्द छुपाते रहे। कुछ बातें दिल में ही रह गईं, कुछ यादें आँखों में बह गईं। अब किसी से उम्मीद नहीं रखते, दर्द से ही दोस्ती कर बैठे। दिल आज भी उसी मोड़ पर खड़ा है, जहाँ तुम...

अश्क गिरे मेरे, जो उसके पहलू में...


दिल के बुरे तो नहीं हैं हम…
बस कुछ लोगों को अच्छे नहीं लगते…!!


जिंदगी भर “सुख” कमाकर दरवाजे से घर में लाने की कोशिश करते रहे
पता ही ना चला कि कब खिड़कियों से “उम्र” निकल गई।।


मेरी आँखों में छुपी उदासी को महसूस तो कर..
हम वह हैं जो सब को हंसा कर रात भर रोते है…!!


तुम्हारी यादो से है मेरी जिदंगी मे रौनक ….
इसलिये अपनी नही तुम्हारी जिदंगी की दुआ करते है …!!

तुझे ‪चाहते‬ हुए ‪बहुत‬ दूर ‪आ‬ गये है ‪हम‬,
अब ‪‎तेरी‬ बारी है ‎बता‬ दे मेरी ‪मंजिल‬ कहाँ है !!

यूँ तिश्नगी बरक़रार है बारिशों के तले
इश्क़ का क़ारोबार है_ख़्वाहिशों के तले…!!

बच न सका ख़ुदा भी मोहब्बत के तकाज़ों से
एक महबूब की खातिर सारा जहाँ बना डाला

ये हुजुर का अन्दाज़-ए-इज़हार-ए-इश्क,
ना भी नहीं कहते और हां भी नहीं कह पाते !!

उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो…
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है…!!

पन्नें उलटे उम्र के, पलट गयी बरसात,
आँखों आँखों में कटी, कल की भीगी रात !!

अश्क गिरे मेरे, जो उसके पहलू में,
बेवफाई इस शहर में, फिर आम हो गई !!

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